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Sunday, September 8, 2024

ग्राम पंचायत संगठन एवं परिसीमन (उत्तराखण्ड राज्य)

ग्राम पंचायत संगठन एवं परिसीमन 
(उत्तराखण्ड राज्य)


        राज्य सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ, अधिसूचना द्वारा, किसी ग्राम, या ग्रामों के समूह जिनकी जनसँख्या राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में यथासाध्य 500 तथा मैदानी क्षेत्रों में यथासाध्य 1000 में समाविष्ट किसी क्षेत्र को, ऐसे नाम से जैसा विनिर्दिष्ट किया जाए, पंचायत क्षेत्र घोषित कर सकेगी;

        परन्तु यह कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्र में अधिकतम जनसँख्या यथासाध्य 2000 तथा मैदानी क्षेत्रों में यथासाध्य 10000 या इससे अधिक नहीं होगी, किन्तु इस अधिनियम के प्रवृत्त होने से पूर्व पर गठित ग्राम पंचायतें, जब तक आवश्यक न हो, यथावत बनी रहेंगीं; 
        
        परन्तु यह और कि राजस्व ग्राम को "पंचायत क्षेत्र" की घोषणा के प्रयोजनार्थ विभाजित नहीं किया जाएगा;

        परन्तु यह और भी कि राज्य सरकार आदेश द्वारा परिहार्य अथवा विशिष्ट परिस्थितियों में उक्त प्रतिबन्ध शिथिल कर सकेगी/  

२) राज्य सरकार सम्बंधित ग्राम पंचायत के अनुरोध पर या अन्यथा और प्रस्ताव के पूर्व प्रकाशन के पश्चात अधिसूचना द्वारा किसी भी समय;

क- किसी पंचायत क्षेत्र में किसी ग्राम या ग्रामों के समूह को सम्मिलित करने या उसे निकालकर, परिष्कार कर सकेगी/

ख- पंचायत क्षेत्र के नाम में परिवर्तन कर सकेगी, या
 
ग-यह घोषणा कर सकेगी कि कोई क्षेत्र, पंचायत क्षेत्र में नहीं रह गया है।

घ- ग्राम पंचायत का संघटन ऐसी रीति से अधिसूचित किया जायेगा जो नियत किया जाय और तदुपरान्त ग्राम पंचायत को सम्यक रूप से संघटित समझा जायेगा, भले ही उसमें कोई रिक्ति हो;
     परन्तु यह कि ग्राम पंचायत के गठन को तब तक इस प्रकार अधिसूचित नहीं किया जायेगा जब तक कि ग्राम पंचायत के प्रधान सहित न्यूनतम दो तिहाई सदस्य निर्वाचित न हो जायें।

३) ग्राम पंचायत के किसी सदस्य का कार्यकाल, जब तक कि अधिनियम के उपबंधों के अधीन अन्यथा समाप्त नहीं किया जाय, ग्राम पंचायत के कार्यकाल के साथ ही समाप्त होगा।

४) प्रधान ग्राम पंचायत का पड़ें सदस्य होगा।

५) ग्राम पंचायत में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन नियत रीति से किया जायेगा।

पंचायत का परिसीमन :- १) पंचायत क्षेत्रों का परिसीमन ऐसे रीति से किया जायेगा जैसा राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाय।

२) प्रत्येक पंचायत क्षेत्र के लिए ऐसे पंचायत क्षेत्र ज्ञात नाम से ग्राम पंचायत जो कि निगमित निकाय होगी, गठित की जाएगी।

३) किसी ग्राम पंचायत में एक प्रधान और किसी पंचायत क्षेत्र की स्थिति में, जिसकी जनसँख्या :-
क- 1000 तक हो, 7 सदस्य, 

ख- 1001 से 2000 तक हो, 9 सदस्य 

ग- 2001 से 3000 तक हो, 11 सदस्य 

घ- 3001 से 5000 तक हो, 13 सदस्य, और 

ड़- 5001 से अधिक हो, 15 सदस्य होंगें ।

३) ग्राम पंचायत किस शिक्षा समिति तथा स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति में महिला सदस्य को सभापति के रूप में ऐसे नियुक्त किया जायेगा जैसा नियमों में विहित किया जाय।

                                                                                     स्त्रोत- उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम, २०१६  


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