उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत की बैठक
क्षेत्र पंचायत की बैठकें एवं बैठकों की प्रक्रिया (धारा-84 व 85)
क्षेत्र पंचायत की बैठकें उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-84 के अंतर्गत निम्न प्रकार आयोजित की जाती है:-
* संगठन के पश्चात् बैठक एक माह के अन्दर होना आवश्यक है।
* हर 2 महीने में क्षेत्र पंचायत की कम से कम बैठक जरुर होगी ।
* क्षेत्र पंचायत की बैठक को बुलाने का अधिकार प्रमुख को है ।
*यदि क्षेत्र पंचायत के 1/5 सदस्य लिखित रूप से मांग करें (सीधे हाथ से दिया गया हो या प्राप्ति पर सहित रजिस्टर्ड डाक द्वारा दिया गया हो) तो आवेदन प्राप्ति के एक महीने भीतर प्रमुख क्षेत्र पंचायत की बैठक जरुर बुलाएगा।
*कोई बैठक आगे की तिथि के लिए स्थगित की जा सकेगी और इस प्रकार स्थगित बैठक आगे भी स्थगित की जा सकती है।
*प्रत्येक बैठक क्षेत्र पंचायत कार्यालय या किसी अन्य सुविधाजनक स्थान पर, जिसकी सूचना सम्यक रुप से दी जा चुकी होगी।
बैठकों का दिनांक, समय और स्थान:-
* क्षेत्र पंचायत की बैठक धारा 84 क अनुसार बुलाई जा सकती है।
* प्रत्येक बैठक की सूचना, दिनांक, समय एवं स्थान सहित खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रत्येक सदस्य को उसके अंतिम ज्ञात पते पर, बैठक की दिनांक से कम से कम 10 दिन पूर्व भेजी जाएगी या भिजवाई जाएगी।
*आपातकालीन बैठक के लिए 10 दिन सूचना आवश्यक नहीं है। अर्थात् अल्पकालीन सूचना के आधार पर भी बैठक बुलाई जा सकती है।
* अगर किसी बैठक में अगली बैठक का दिनांक निश्चित कर दिया जाए, तो इसकी सूचना बैठक में उपस्थित सदस्यों को भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। परन्तु परिवर्तन होने पर सूचना अवश्य दी जाएगी।
* कोई भी बैठक एक से अधिक तक हो सकती है।
गणपूर्ति/ कोरम :-
* बैठक में गणपूर्ति के लिए एक तिहाई सदस्यों की संख्या अनिवार्य होगी, परन्तु विशेष संकल्प को पारित करने हेतु आधे सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक है । यदि कोई बैठक गणपूर्ति न होने के कारण स्थगित कर दी जाएं, तो स्थगित बैठक के लिए गणपूर्ति की आवश्यकता नहीं होगी।
बैठक की अध्यक्षता:-
* बैठक में प्रमुख अनुपस्थित होने पर बैठक की अध्यक्षता करने के लिए उपस्थित सदस्य अपने में से एक सदस्य को अध्यक्षता के लिए चुन लेंगें।
स्त्रोत- क्षेत्र पंचायत सदस्यों के प्रशिक्षण हेतु संदर्भ साहित्य

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