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Sunday, October 13, 2024

ग्राम पंचायतों की बैठकें तथा कृत्य, कर्तव्य, अधिकार एवं प्रशासन (उत्तराखण्ड राज्य)

 अध्याय- 5 

ग्राम पंचायतों की बैठकें तथा कृत्य, कर्तव्य, अधिकार एवं प्रशासन 


ग्राम पंचायत की बैठकें:- 

    कार्य संचालनार्थ ग्राम पंचायत की बैठक सामान्यत: प्रत्येक मास में न्यूनतम एक बार होगी किन्तु दो लगातार बैठकों के बीच दो माह से अधिक का अन्तर नहीं होगा।

ग्राम पंचायत की बैठकों के लिए स्थान, तारीख, समय ऐसा होगा जैसा विहित किया जाये।


स्पष्टीकरण:- प्रधान/उप प्रधान के घर आहूत बैठक की कार्यवाही अवैध मानी जायेगी। 


गणपूर्ति:- ग्राम पंचायत की बैठक हेतु गणपूर्ति कुल सदस्यों की एक तिहाई होगी, जिसमें प्रधान एवं उप प्रधान भी सम्मिलित होंगें\ स्थगित की गई किसी बैठक के लिए गणपूर्ति एक तिहाई ही होगी, किन्तु दूसरी बार भी बैठक गणपूर्ति पूर्ण न होने पर अगली बैठक हेतु गणपूर्ति 1/5 होगी।

4- ग्राम पंचायत की बैठकों में प्रक्रिया आदि ऐसी होगी जैसा राज्य सरकार के द्वारा समय समय पर विहित किया जाये।

5- ग्राम पंचायत का प्रतिवेदन आदि की अपेक्षा और प्रश्न करने के अधिकार ऐसे होंगें जैसा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विहित किया जाये।

6- इस अधिनियम में कोई बात न तो किसी भी को, किसी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, नोटिफाइड एरिया, छावनी या टाउन एरिया के भीतर किसी ऐसे अधिकार का प्रयोग करने का अधिकार देगी, जो यथास्थिति नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, नोटीफाइड एरिया कमेटी, छावनी बोर्ड, जिला मजिस्ट्रेट या किसी अन्य मजिस्ट्रेट या टाउन एरिया कमेटी में निहित हो परन्तु यह कि ग्राम पंचायत - 

क- पूर्वोक्त सीमाओं के भीतर किसी स्कूल, पुस्तकालय, अस्पताल, औषधालय, निर्धन-गृह, शरणालय, अनाथालय, निरीक्षण-गृह या ऐसे अन्य निर्माण या संस्था का जो एक मात्र पूर्वोक्त सीमाओं के भीतर रहने वालों के लाभार्थ अनुरक्षित न की जाती हो, निर्माण या अनुरक्षण कर सकती है और उस पर नियंत्रण के लिए आवश्यक हो।

ख- पूर्वोक्त सीमाओं के भीतर कोई ऐसा कार्य कर सकती हैं जिसका करना इस अधिनियम के अधीन उसके कृत्यों के दक्ष निर्वहन के लिए आवश्यक हो।                                          

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