राजस्थान पंचायती राज कानून, 1994
ग्राम सभा और उसकी बैठकें
प्रत्येक पंचायत सर्किल के लिए एक ग्राम सभा होगी, जिसमें पंचायत के भीतर समाविष्ट गाँव या गांवों के समूह से सम्बंधित निर्वाचक नामावलियों में रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति होंगें।
प्रत्येक वर्ष ग्राम सभा की कम से कम दो बैठकें होंगीं, पहली वित्तीय वर्ष के प्रथम त्रिमास में और दूसरी अंतिम त्रिमास में:
परन्तु ग्राम सभा के सदस्यों की कुल संख्या के एक-तिहाई से अधिक सदस्यों के द्वारा लिखित रूप से कोई अध्यपेक्षा किये जाने या, यदि पंचायत समिति, जिला परिषद् या राज्य सरकार द्वारा अपेक्षित हो तो, ग्राम सभा की बैठके ऐसी अध्यपेक्षा या अपेक्षा के तीस दिन के भीतर की जायेगी।
वित्तीय वर्ष के प्रथम त्रिमास में की जाने वाली बैठक में पंचायत ग्राम सभा के समक्ष निम्नलिखित रखेगी-
क- पूर्ववर्ती वर्ष के लेखों का वार्षिक विवरण
ख-इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन प्रस्तुत किये जाने के लिए अपेक्षित पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के प्रशासन पर की रिपोर्ट;
ग- वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित विकास और अन्य कार्यक्रम; और
घ- पिछली संपरीक्षा रिपोर्ट और उसके लिए दिये गये उत्तर।
वित्तीय वर्ष के अंतिम त्रिमास में आयोजित बैठक में पंचायत ग्राम सभा के समक्ष निम्नलिखित रखेगी -
क- वर्ष के दौरान उपगत व्यय का विवरण;
ख- वर्ष के लिये जाने वाले भौतिक और वित्तीय कार्यक्रम;
ग- वित्तीय वर्ष की प्रथम त्रिमास में की गई बैठक में प्रस्तावित क्रियाकलाप के विभिन्न क्षेत्रों में किये गये किन्हीं भी परिवर्तनों से सम्बंधित प्रस्ताव; और
घ- इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन तैयार किया गया पंचायत का बजट।
उपरोक्त दोनों बैठकों तथा ग्राम सभा की किसी भी अन्य बैठक में भी, ऐसा कोई अन्य विषय जिसे पंचायत, पंचायत समिति जिला परिषद्, राज्य सरकार या इस निमित्त प्राधिकृत कोई भी अधिकारी रखे जाने की अपेक्षा करे, रखा जायेगा।
ग्राम सभा इस धारा के अधीन उसके समक्ष रखे गये विषयों के सम्बन्ध में चर्चा करने के लिए स्वतंत्र होगी और पंचायत, ग्राम सभा द्वारा किये गये सुझावों पर, यदि कोई हो, विचार करेगी ।
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